LIC FD Scheme LIC की नई FD स्कीम 1.5 लाख निवेश करने पर मिलेगा हर महीना ₹9500 महीना

LIC FD Scheme : आज के समय में जब निवेश के अनेक साधन उपलब्ध हैं, तब भी आम लोगों की पहली पसंद सुरक्षित और निश्चित रिटर्न देने वाली योजनाएं ही होती हैं। ऐसे में एलआईसी (LIC) और पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं खास महत्व रखती हैं। ये दोनों विकल्प उन निवेशकों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं, जो जोखिम से दूर रहकर स्थिर आय चाहते हैं।

पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट योजना

डाकघर की सावधि जमा योजना (Post Office Time Deposit) सरकार द्वारा समर्थित योजना है। इसमें 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की अवधि के विकल्प मिलते हैं। वर्तमान समय में इन योजनाओं पर ब्याज दरें लगभग 6% से 7.5% के बीच रहती हैं, जो अवधि के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। 5 वर्ष की सावधि जमा पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर छूट का लाभ भी मिलता है।

पोस्ट ऑफिस FD की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है, क्योंकि यह सीधे केंद्र सरकार द्वारा समर्थित होती है। ग्रामीण और छोटे शहरों में रहने वाले लोग विशेष रूप से डाकघर योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं। इसमें न्यूनतम निवेश राशि कम होती है, जिससे छोटे निवेशक भी आसानी से शुरुआत कर सकते हैं। ब्याज का भुगतान वार्षिक आधार पर किया जाता है, लेकिन इसे पुनर्निवेश का विकल्प भी उपलब्ध है।

एलआईसी की सावधि जमा जैसी योजनाएं

एलआईसी मुख्य रूप से बीमा कंपनी है, लेकिन यह विभिन्न बचत और निवेश योजनाएं भी प्रदान करती है, जिनमें कुछ योजनाएं निश्चित रिटर्न का लाभ देती हैं। एलआईसी की पॉलिसियों में निवेशक को जीवन बीमा सुरक्षा के साथ-साथ परिपक्वता पर एकमुश्त राशि मिलती है। कुछ योजनाएं ऐसी होती हैं, जिनमें निश्चित अवधि तक प्रीमियम जमा करने के बाद गारंटीड रिटर्न मिलता है।

एलआईसी की योजनाएं उन लोगों के लिए उपयुक्त हैं, जो निवेश के साथ जीवन बीमा सुरक्षा भी चाहते हैं। हालांकि, इन योजनाओं में लॉक-इन अवधि लंबी हो सकती है और बीच में पॉलिसी बंद करने पर लाभ कम मिल सकता है। इसलिए निवेश से पहले योजना की शर्तों को समझना जरूरी है।

LIC FD ब्याज दर और रिटर्न

जहां पोस्ट ऑफिस FD में ब्याज दर पहले से तय और स्पष्ट होती है, वहीं एलआईसी की योजनाओं में रिटर्न पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है। पोस्ट ऑफिस में निवेशक को निश्चित ब्याज मिलता है, जबकि एलआईसी में बोनस या अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। दोनों ही विकल्प अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन निवेशक को अपनी जरूरत और लक्ष्य के अनुसार चयन करना चाहिए।

LIC FD Scheme कर संबंधी पहलू

पोस्ट ऑफिस की 5 साल की FD में कर छूट का लाभ मिलता है, जबकि एलआईसी की कई योजनाएं भी धारा 80C के तहत कर बचत का अवसर देती हैं। साथ ही, एलआईसी की परिपक्वता राशि कुछ शर्तों के तहत कर मुक्त भी हो सकती है। इसलिए कर योजना के दृष्टिकोण से दोनों विकल्प उपयोगी साबित हो सकते हैं।

निवेश से पहले ध्यान देने योग्य बातें

निवेश करने से पहले यह तय करना आवश्यक है कि आपका उद्देश्य क्या है? नियमित आय, कर बचत या दीर्घकालिक सुरक्षा। यदि आप कम जोखिम और निश्चित ब्याज चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस FD बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, यदि आप बीमा कवर के साथ बचत करना चाहते हैं तो एलआईसी की योजनाएं उपयुक्त हो सकती हैं।

निष्कर्ष

एलआईसी और पोस्ट ऑफिस FD दोनों ही सुरक्षित निवेश के भरोसेमंद साधन हैं। जहां पोस्ट ऑफिस योजना सरल और पारदर्शी है, वहीं एलआईसी निवेश के साथ सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ देती है। सही निर्णय के लिए अपनी आर्थिक स्थिति, जोखिम क्षमता और भविष्य की जरूरतों का मूल्यांकन करना जरूरी है। समझदारी से किया गया निवेश भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकता है।

 

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